पंजाब चुनाव से पहले आप को बड़ा झटका, सात राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल

पंजाब चुनाव से पहले आप को बड़ा झटका, सात राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल

A major setback for AAP ahead of Punjab elections

A major setback for AAP ahead of Punjab elections

नई दिल्ली। अगले साल पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका लगा है। राघव चड्ढा समेत राज्यसभा के सात सांसदों ने आप को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। राघव चड्ढा ने भाजपा में शामिल होने का एलान करते हुए कहा कि वे सातों सांसदों के हस्ताक्षर के साथ दो-तिहाई सांसदों के भाजपा में विलय का नोटिस राज्यसभा के सभापति को पहले ही दे चुके हैं।

कांस्टिट्यूशन क्लब में इसकी घोषणा करने के बाद भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर विधिवत पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। दो तिहाई सांसदों के भाजपा में शामिल होने से उनकी राज्यसभा की सदस्यता बरकरार रहेगी।

राज्यसभा में बढ़ी भाजपा की ताकत

दरअसल संविधान की 10वीं अनुसूची में बनाए गए नियमों के तहत किसी पार्टी के सदन के दो-तिहाई सदस्यों के एक साथ दूसरी पार्टी में विलय की स्थिति में दलबदल निरोधी कानून लागू नहीं होता है। सात सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद राज्यसभा में आप के केवल तीन सांसद रह जाएंगे। वहीं भाजपा के सांसदों की संख्या 106 से बढ़कर 113 हो जाएगी।

स्वाति और राघव ने जताई थी आप से नाराजगी

भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों में स्वाति मालिवाल लंबे समय से पार्टी से अलग-थलग थी। मुख्यमंत्री के आवास में निजी सचिव विभव कुमार द्वारा की गई मारपीट के लिए उन्होंने सीधे तौर पर केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया था। वह विभिन्न मुद्दों पर केजरीवाल और आप के खिलाफ मुखर भी रहती थी।

वहीं राघव चड्ढा राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने से पार्टी के साथ उनकी दूरियां खुलकर सामने आ गई थी। लेकिन अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, रजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी की पार्टी से नाराजगी सामने नहीं आई थी। यहां तक अशोक मित्तल को पार्टी ने कुछ दिनों पहले ही राघव चड्ढा की जगह राज्यसभा में पार्टी के उपनेता बनाया था।

पार्टी छोड़ने ऐलान के समय राघव चड्ढा के बगल में अशोक मित्तल भी बैठे थे। पार्टी छोड़ते हुए राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई। राघव चड्ढा ने कहा कि ''मैं उनकी दोस्ती के काबिल नहीं था, क्योंकि मैं उनके गुनाह में शामिल नहीं था''। लेकिन चड्ढा ने यह नहीं बताया कि वे आप के किस गुनाह की बात कर रहे हैं। लेकिन उन्होंने आप के जनता से जुड़े मुद्दे के हटने का संकेत जरुर दिया।

राघव चड्ढा ने पीएम मोदी की नीतियों की तारीफ की

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों की तारीफ करते हुए आम जनता के मु्द्दे संसद में उठाते रहने का भरोसा दिया। आइआइटी में प्रोफसर का कैरियर छोड़कर आए संदीप पाठक ने भी आप की मौजूदा कार्यप्रणाली से नाराजगी जताते हुए पिछले आठ-नौ महीने से राजनीति छोड़ने पर विचार कर रहे थे, लेकिन अंतत भाजपा के जुड़कर जनता की सेवा करने का फैसला किया।